तिरंगा झंडा- संध्या प्रकाश

आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳  

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर कमलापुरी परिवार की संध्या प्रकाश जी की एक कविता यहां प्रकाशित कर रहे हैं। पढ़िए और आप भी कविता-कहानी लिख कर भेजिए-



अम्माँ मैं भी अपना तिरंगा झंडा सगर्व बनाऊँगा,
केसरिया रंग युद्ध भूमि की रक्त मिट्टी से लाऊँगा,
धन्य धान से भरपूर प्रकृति से हरा रंग चुराऊँगा,
शांति प्रिय है मेरा देश श्वेत रंग बीच में लगाऊँगा,
अशोक चक्र को धूरी बना प्रगति करता जाऊँगा,
वसुधैव कुटुंबकम की भावना चहुँओर फैलाऊँगा,
वीरों का वंशज हूँ दुश्मन को पीठ न दिखाऊँगा,
तिरंगा फहराऊँगा या अमर शहीद कहलाऊँगा।।

 

-संध्या प्रकाश
रांची

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